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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नवाब मलिक को गठबंधन में शामिल करने का विरोध करते हुए पत्र लिखा था. इसे लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है. अब आज अजित पवार ने इसे लेकर नवाब मलिक के साथ बैठक की. वहीं उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राकांपा उप मुख्यमंत्री अजित पवार गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल की बैठक हुई.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक को ग्रैंड अलायंस में शामिल करने पर विरोध जताया है. उन्होंने इस बाबत पत्र भी लिखा था. शुक्रवार को नवाब मलिक के मुद्दे पर दो बड़ी बैठकें हुईं. उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राकांपा उप मुख्यमंत्री अजित पवार गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल की आज मुलाकात हुई. सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस बैठक में नवाब मलिक पर चर्चा हुई. देवेंद्र फडणवीस ने प्रफुल्ल पटेल को अपने पत्र के बारे में बताया. सूत्रों ने जानकारी दी है कि बैठक में फड़णवीस ने प्रफुल्ल पटेल से कहा कि आप आगे फैसला करें.

उधर, अजित पवार और नवाब मलिक की भी मुलाकात हुई है. दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट तक चर्चा हुई. इस मौके पर चल रहे विवाद पर भी चर्चा हुई. सूत्रों ने जानकारी दी है कि अजित पवार ने मलिक को देखो और इंतजार करो की नीति पर चलने की सलाह दी है. दिलचस्प बात यह है कि जब अजित पवार और नवाब मलिक की मुलाकात हुई तो एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल भी मौजूद थे.

सूत्रों के मुताबिक प्रफुल्ल पटेल ने अपनी पार्टी का पक्ष देवेंद्र फडणवीस के सामने रख दिया है. पटेल ने कहा कि मलिक ने अभी तक भूमिका की घोषणा नहीं की है. पटेल ने कहा कि मलिक की भूमिका से पहले कोई भूमिका लेना हमारे लिए ठीक नहीं है. पटेल ने यह भी कहा कि मलिक को विधायक के तौर पर सदन में बैठने का अधिकार है.

इस बीच,मलिक को विधानसभा अध्यक्ष ने सीट नंबर 49 दी थी, लेकिन मलिक विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दी गई कुर्सी पर बैठने के बजाय आखिरी बेंच पर बैठ गए. क्योंकि अध्यक्ष की ओर से दी गई कुर्सी उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पीछे थी. लेकिन चूंकि मलिक ने अपनी भूमिका की घोषणा नहीं की, इसलिए वह उस सीट पर नहीं बैठे. सूत्रों का कहना है कि पटेल ने फड़णवीस से कहा कि अगर मलिक ने अपना रुख अपनाया होता, तो हमने भी अपना रुख घोषित कर दिया होता.”

नवाब मलिक मुद्दे पर अजित पवार गुट महागठबंधन में अलग-थलग पड़ गया है. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नवाब मलिक के साथ जाने से इनकार कर दिया है. तो वहीं, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी फडणवीस की राय से सहमत हैं. इसलिए अजित पवार गुट इस मुद्दे पर अलग-थलग पड़ गया है. उधर, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस मुद्दे पर बोलने से इनकार कर दिया है. अजित पवार ने स्पष्ट रुख बताने से इनकार करते हुए कहा है कि वह नवाब मलिक के अपना रुख बताने के बाद ही कुछ बोलेंगे.

एनसीपी के अजित पवार गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि हर कोई जानता है कि क्या हुआ. इस बीच, एनसीपी में अंदरूनी घटनाक्रम भी हुआ. मलिक उस वक्त किसी के साथ नहीं थे. उनका किसी से कोई संबंध नहीं था. उनकी जमानत के बाद हम उनसे मिले. उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछना हमारा कर्तव्य था. वह एक विधायक हैं. उनके आने पर पुराने साथी मिलते हैं और बातें करते हैं. यह स्वाभाविक है. नवाब मलिक की भूमिका? उन्हें क्या करना चाहिए? कल उनकी रणनीति क्या होगी? प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि इस पर चर्चा नहीं हुई.

उन्होंने कहा कि नवाब मलिक मेडिकल जमानत पर हैं. हम उनसे इस मसले पर बिल्कुल भी चर्चा नहीं करना चाहते.’ विधानसभा में वे कहां बैठते हैं, यह मायने रखता है. उन्हें विधानसभा में बैठने का अधिकार है. तो वे आये. यह कहना गलत है कि जब कोई आता है तो हम उसे पुरस्कृत करते हैं और हम उसे पुरस्कृत करते हैं या कोई और करता है. देवेंद्र फड़णवीस ने जरूर कोई पत्र लिखा होगा. इसकी अलग से व्याख्या करने की जरूरत नहीं है. नवाब मलिक ने हमारे सामने या दूसरी तरफ ये सवाल नहीं उठाया. पटेल ने कहा कि जब ऐसा होगा तो हम देखेंगे.

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