मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मानखुर्द-शिवाजीनगर निर्वाचन क्षेत्र की जनता को आखिर क्यों छोडा लवारिश क्या अबू आसिम आज़मी की विरोधी खेमे का होने का खामियाजा जनता को भोगने पड़ रहा है
मुंबई ( यशपाल शर्मा) इन दिनों राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे प्रदेश भर मे बढ़ते प्रदूषण के स्थर को को लेकर मुंबई मनपा अधिकारियों, पालिका कर्मियों के कार्यो का निरक्षण करने मे लगे है।
जिसके चलते आये दिन मुख्यमंत्री मुंबई के विभिन्न रहीवासिया इलाकों का दौरा कर रहे है पर मानखुर्द शिवाजीनगर विधानसभा आने से कन्नी काट रहे है । गत दिनों पूर्वी मुंबई मे घाटकोपर, चेंबूर, मुलुंड ,घाटकोपर , कामराज नगर जैसे झुग्गी झोपड़पट्टियों मे जाकर झोपड़पाटी के राहीवासीयो को एस आर ए प्रोजेक्ट जमीन पर उतरकर बिल्डिंगो मे रहने की व्यवस्था कर रहन सहन बदलाव करने मे लगी है ।
परंतु गोवंडी शिवाजीनगर इलाके के बुधजीवि समाज के लोगों मे इस बात की चर्चा छीड चुकी है की आखिर क्यों राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मानखुर्द शिवाजीनगर निर्वाचन क्षेत्र की जनता को लवारिश छोङ दिया जन समस्याओ के बीच मरने के लिए । मानखुर्द शिवाजीनगर विधानसभा क्षेत्र मे बड़े पैमाने पर जनसमस्याओ का ढे़र लगा हुआ है। एम/पूर्व विभाग की सरकारी जामिनो पर भ्रस्ट चेंबुर् कलेक्टर कार्यलय से लेकर एम पूर्व मनपा विभाग की सहायक आयुक्त अलका सासाने, जाने पांच मनपा उपायुक्त हर्षद काले, महाड़ा, एम.एम.आर.डी.ए की रिक्त के अधिकारियों की भूमाफियाओ के साथ जुगल बंदी के कारण लिंक रोड़ की दोनों ओर कथित सरकारी जामिनो पर कब्जा कर झोपड़े, दुकान, गोदामो को बना कर लाखों रुपए मे बेचने का गोरख धंधे को संरक्षण दे रखा है।
सरकारी जमीन के अभाव मे विकासकारी परियोजनाएं तोड़ रही दम।
बताते है की। एम पूर्व विभाग बड़े पैमाने पर विकास के मामले मेमे काफी पिछडा इलाका है ।
एमपूर्व मनपा का परिसर मे स्वछता के नाम पर डंपिंग के कचरे , गंदगी से भरे हुए इलाक़े मे नागरिको को एस एम एस कंपनी के जहरीले प्रदुषण मे सांस लेने के लिए मरने को छोड़ दिया है।एम पूर्व विभाग मे बड़े पैमाने पर सरकारी स्कूल, डिग्री कॉलेज,गार्डन, खेल के मैदान, सुलभ शौचालय आबादी के अनुपात के हिसाब से नागरिको की सुविधा बहुत कम है।
सरकारी स्कूल शुद्ध ओक्सिजन की भारी कमी है